14-Jan-2019 12:53

"गुरुदीक्षा फाउंडेशन" ने शिक्षा को बनाया जीवनदायनी

गुरुदीक्षा फाउंडेशन ने शिक्षा को बनाया जीवनदायनी शिक्षा तो जीवनदायनी है इसलिए निःसहाय व गरीब बच्चों में शिक्षा की अलख जगा रहा गुरूदीक्षा फाउंडेशन, बिहार, पटना।

सर्वविदित है कि भारत सरकार से लेकर राज्यों की सरकारें शिक्षा के नाम पर लाखों-करोड़ रूपये का बजट बनाती हैं। लेकिन आज आजादी के 72 वर्षों बाद भी कोई खास उम्मीद की किरण नजर नहीं आता जिससे यह महसूस हो कि भारत की 100 प्रतिषत आबादी अगले 500-1000 वर्षों में भी शिक्षित तो छोड़िये साक्षर भी बना पायेगी भारत की सरकारें। इसी क्रम को आगे बढ़ते हुए आज एक ऐसी सामाजिक संस्थान से परिचय करवा रहे हैं, जो खुद में एक अलग व्यक्तित्व के रूप में समाज में कार्य कर रहे हैं। हम बात कर रहे हैं पटना सिटी क्षेत्र से संचालित होने वाली शैक्षिण्कि संस्थान गुरूदीक्षा फाउंडेषन की, जो स्वयं में एक शिक्षा की पहचान है।

जी हाँ, कहना बहुत आसान है, मगर सपनों को जमीन पर उतारना बहुत मुश्किल होता है। यह कहानी हैं, एक ऐसे शख्स की जो अर्थाभाव में मनमुताबिक उच्च शिक्षा नहीं प्राप्त कर सके। घर-परिवार कि जिम्मेदारियों मे फँस कर पैसे कमाना जिनकी मजबूरी बन गई। लेकिन उच्च शिक्षा प्राप्त नहीं कर पाने की कसक दिल में कहीं बैठी रही। वक्त के साथ यह कसक ‘‘गुरुदीक्षा फाउंडेशन‘‘ कि स्थापना के रुप में जन्मा। पटना शहर की व्यवसायिक ह्दयस्थली पटना सिटी में गुरुदीक्षा फाउंडेशन के तहत सैकड़ों बच्चों को बिना किसी सरकारी सहायता के पहली कक्षा से सातवीं कक्षा तक निःशूल्क शिक्षा देने का कार्य निर्बाध गति से चल रहा है। पहली कक्षा से सातवीं कक्षा तक शिक्षा ग्रहण करने वाले इन गरीब छात्र-छात्राओं को आवश्यकतानुसार काँपी, किताब, कलम, पेंंसिल सहित सभी शिक्षण साम्रगी निःशूल्क उपलब्ध कराई जाती हैं। वहीं सरकारी सुविधाओं से उपेक्षित क्षेत्रों में घर-घर जा कर शिक्षा के प्रति लोगों को जागरूक किया जाता हैं। साथ ही बच्चों को और अभिभावकों को गुरुदीक्षा विद्यालयों में भेजने को राजी किया जाता हैं। जो काफी कठिन कार्य है।

लेकिन इन सभी कार्यों को ‘‘गुरूदीक्षा फाउंडेशन‘‘ के बैनर तले निःस्वार्थ भाव से करने का श्रेय गुरूदीक्षा फाउंडेशन के संस्थापक श्री शंकर पाण्डेय जी को जाता हैं। बकौल श्री पाण्डेय जी आज समाज में गरीबी का एक मुख्य कारण शिक्षा का अभाव भी मानते हैं। पाण्डेय जी कहते हैं कि हमारी संस्था ‘‘गुरूदीक्षा फाउंडेशन‘‘ का प्रयास है कि जो बच्चे शिक्षा से उपेक्षित हैं या जिनके अभिभावक तंगहाली के कारण अपने बच्चों को उचित शिक्षा नहीं दे पा रहे हैं, उन सभी बच्चों को हमारी संस्था के माध्यम से शिक्षा मिले। पहली कक्षा से सातवीं कक्षा तक निःशूल्क शिक्षा के बाद आठवीं कक्षा से ग्रेजुएशन तक कि पढाई के संबंध में भी हम बहुत शीघ्र योजनाओं को मूर्त रुप देंगे। आठवीं कक्षा से ग्रेजुएशन तक कि पढाई एवं कम्प्यूटर शिक्षा के लिए जिन बच्चों के अभिभावक सक्षम होगें, वे बहुत ही कम शुल्क के रूप में सहायता राशि दे कर अपने बच्चों को आगे पढ़ा सकते हैं। साथ ही जो अभिभावक आर्थिक रूप से बिल्कुल भी सक्षम नहीं है, उनके बच्चों को भी यह सारी सुविधाएं संस्था की ओर से निःशुल्क की जाऐगी।

पाण्डेय जी कहते है कि हम आशा करते है कि धीरे-धीरे हमारी संस्था से लोग जूड़ेगे। जाहिर सी बात है कि बड़े स्तर पर यह कार्य करने के लिए बहुत सारे लोगों के जूड़ने कि आवश्यकता होगी। हमारा प्रयास है कि नौजवानों, उद्यमियों, समाजसेवीयोंं के सहयोग से हर गांव-शहर तक हमारी संस्था के जरिए जरुरतमंद बच्चों तक शिक्षा की किरण पहुंचे। हम स्वच्छ, स्वस्थ्य, शिक्षित एवं खुशहाल बिहार के सपने को पूरा करने के लिए कृतसंकल्पित हैं और आगे बढ़ रहे हैं। जिसमें आप सबों का सहयोग अपेक्षित है। निस्संदेह श्री पाण्डेय के देख-रेख मे‘‘गुरूदीक्षा फाउंडेशन‘‘ के द्वारा किया जा रहा यह एक साहसिक प्रयास हैं। जिसके दूरगामी सुखद परिणाम होंगे। यह अलग बात है कि.. ‘‘वो अकेले ही चले थे, जानिबे मंजिल मगर, लोग साथ आते गए और कारवां बनता गया। इसी सोच़ के साथ निरंतर बढ़ते हुए गुरूदीक्षा फाउंडेशन शिक्षा का एक व्याप्क जागृति फैला रही हैं।

14-Jan-2019 12:53

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