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23-Oct-2019 02:48

सरोज सेवा संस्थान के माध्यम से मातृत्व को जीवंत रखा है : लेफ्टिनेंट कर्नल मनमोहन ठाकुर

अपने निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार सरोज सेवा संस्थान द्वारा शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि एवं विकास क्षेत्र में उन्नत विकास के लिए एक दिवसीय सेमिनार का आयोजन किया। महनार स्थित सरोज सेवा संस्थान, बघनोचा में आयोजित किया गया। सरोज सेवा संस्थान बघनोचा महनार में एक दिवसीय सेमिनार का आयोजन 22 अक्टूबर को किया गया। यह बता दें कि सरोज सेवा संस्थान कि तीसरी स्थापना दिवस थी व दूसरी वर्षगांठ के अवसर पर यह कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिसमें ग्रामीण स्तर पर शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि एवं कौशल क्षेत्र के विकास में विस्तृत चर्चा की गई। विभिन्न क्षेत्रों के देशभर से लोग महनार अंतर्गत दूर सुदूर गांव में एकत्रित हुए। वैशाली जिला के लगभग सभी विद्यालयों एवं महाविद्यालयों के शिक्षक-छात्र एवं आसपास के गांव के ग्रामीण भारी संख्या में सेमिनार में शामिल हुए। सेमिनार के शुरुआत में संस्थान के बच्चों द्वारा अंग्रेजी में प्रस्तुति दी गई, जिसके माध्यम से यह संदेश दिया गया कि अंग्रेजी भाषा विदेशी भाषा नहीं है, हर जगह इस भाषा का इस्तेमाल होता है, अतः इस भाषा को सीखने में रुचि ले।

सरोज सेवा संस्थान की स्थापना ही मातृत्व और मातृभूमि की सेवा, सम्मान के साथ बच्चों में शिक्षा, स्वास्थ्य एवं राष्ट्र के प्रति जिम्मेवार बना ही हैं.

वहीं संस्थान के बच्चे "बेटी पढ़ाओ, बेटी बचाओ" का संदेश भी एक लघु कथा के माध्यम से किया गया। सरोज सेवा संस्थान के संस्थापक लेफ्टिनेंट कर्नल मनमोहन ठाकुर ने अपने संदेश में कहा कि गांव में एक समाज में प्रथम वर्ग और सक्षम वर्ग में दूरी दिन प्रतिदिन बढ़ती जा रही है। शिक्षा के निजीकरण गरीबों के लिए अभिशाप बन गया है। अति आवश्यक है कि हर व्यक्ति अपने आसपास के अक्षम व्यक्तियों की मदद करने की सोच को विकसित करें। जिससे असमानता पर काबू पाया जा सके। क्योंकि उनका अपना बचपन गरीबी में बीता, इसलिए समाज की हर समस्या से हुए भली-भांति परिचित है। अपनी मेहनत की कमाई से, उन्होंने अपने गांव में अपनी स्वर्गवासी माताजी के नाम पर सरोज सेवा संस्थान बघनोचा की स्थापना की। इस कार्यक्रम को सफल बनाने में मुख्य रुप से श्री रामचंद्र पंडित, रघुनाथ राय, शिवानी, कमलेश, किरण, सुरुचि, उर्मिला, जूली, निहाल एवं ननकी पासवान का योगदान सराहनीय रहा। लेफ्टिनेंट कर्नल मनमोहन ठाकुर का कहना है कि हर गांव में ऐसे कार्यक्रम होने चाहिए तभी देश आगे बढ़ेगा।

लेफ्टिनेंट कर्नल मनमोहन ठाकुर ने बताया कि इस सेमिनार में बहुत उत्साह देखने को मिला। महिलाएं भी भारी संख्या में उपस्थित थीं। पिछले 2 वर्षों में संस्थान के माध्यम से लगभग 500 परिवारों को लाभ पहुंचाया गया। शिक्षा क्षेत्र में आज के परिवेश में जिस तरह से शिक्षा का स्तर गिरता जा रहा है, हर नागरिक को शिक्षा के प्रति जागरूक होना पड़ेगा। शहर के भीड़ को कम करने के लिए आवश्यक है कि गांव में शहर जैसे सुविधा उपलब्ध कराई जाए। शिक्षण संस्थान में शिक्षकों की कमी तथा कोचिंग संस्थानों में बेतहाशा वृद्धि से राज्य में शिक्षा का स्तर में पिछले कुछ दशकों में बहुत ही गिरावट आई है। इस पर यदि ठीक ढंग से काम नहीं किया गया, तो शिक्षा का स्तर बहुत नीचे गिरने का खतरा है। बिहार का शैक्षणिक इतिहास बहुत ही गौरवशाली रहा है, लेकिन वर्तमान में देश में उपहास का सामना करना पड़ता है। शिक्षा में सुधार हेतु हर वर्ग को आगे आना चाहिए। हर गांव में सक्षम व्यक्ति हर असक्षम व्यक्तियों को मार्गदर्शन कर सकता है। आपस में मिलकर शिक्षा का आदान-प्रदान कर सकते हैं। यही सब विचार सेमिनार के दौरान रखे गए। आधुनिक तकनीकों का इस्तेमाल ग्रामीण स्तर में भी किया जाना चाहिए। वहीं लेफ्टिनेंट मनमोहन ठाकुर ने स्वास्थ्य संबंध में कहा कि आजादी के 73 वर्ष बाद भी गांव स्वास्थ्य संबंधित सुविधाओं से वंचित है। झाड़-फूंक तथा झोलाछाप चिकित्सकों के भरोसे ग्रामीणों की चिकित्सा है। ज्यादातर ग्रामीण गंभीर अवस्था में आने के बाद शहर की तरफ जाने की कोशिश करते हैं। रास्ते में ही अधिकतर दम तोड़ देते हैं। बढ़ती आबादी के साथ-साथ चिकित्सकों की संख्या में भी बढ़ोतरी होनी चाहिए। गांव में भी अस्पताल का निर्माण होना चाहिए। विशेषज्ञ चिकित्सकों की स्वास्थ्य केंद्रों में भी होनी चाहिए। स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता गांव में भी होनी चाहिए। डाॅक्टर मनोज कुमार झा, झाझा से आकर 500 मरीजों की जांच की तथा मुफ्त दवाइयां बांटी। सेमिनार के दौरान स्वास्थ्य सेवाओं की विस्तृत जानकारी दें।

वहीं कृषि संबंध में पूछा विश्वविद्यालय से डॉक्टर देवेंद्र प्रसाद सिंह ने कृषि क्षेत्र में विकास हेतु सरकार द्वारा चलाई जा रही योजनाओं के बारे में विस्तृत जानकारी दी। मिट्टी की जांच कराकर, अधिकतम गुणवत्ता वाले बीजों का इस्तेमाल करके, ज्यादा से ज्यादा फसल उगा सकते हैं। वहीं जानकारी दी गई कि वहीं मशरूम की खेती के लिए बहुत कम जगह की जरूरत पड़ती है और ज्यादा मुनाफा कमाया जा सकता है। उपरोक्त सब जानकारी ग्रामीणों को दी गई। वहीं हर संभव मदद की भी आश्वासन देते हुए, प्रसाद सिंह ने कृषि विश्वविद्यालय पूसा सभी के साथ हैं और जब आप हमें बुलाते हैं तब हम उचित मार्गदर्शन के लिए आयेंगे। कौशल विकास के क्षेत्र में प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में किस तरह से लाभ उठाया जा सकता है, इस पर विस्तृत जानकारी देते देने के लिए श्रीमती भावना वर्मा पटना से उन्होंने सभी योजनाओं के बारे में लोगों को बताएं। महिलाओं के लिए घर बैठे आमदनी के रास्ते बताएं। वही मुख्य अतिथियों में बिहार सरकार के परिवहन मंत्री माननीय श्री संतोष कुमार निराला, अति विशिष्ट अतिथि के रूप में उप महानिदेशक एनसीसी बिहार एवं झारखंड ब्रिगेडियर तुषार मिश्रा, एलएस कॉलेज मुजफ्फरपुर के प्राचार्य डॉ प्रोफेसर ओम प्रकाश राय, कृषि विश्वविद्यालय पूसा के वैज्ञानिक डॉ देवेंद्र प्रसाद सिंह, जिला कृषि पदाधिकारी मुजफ्फरपुर, सांसद प्रतिनिधि हाजीपुर अवधेश प्रसाद सिंह, रेड क्रॉस सोसाइटी के अध्यक्ष मुजफ्फरपुर श्री उदय प्रताप सिंह, झाझा से डॉ मनोज झा, सुयोग कुमार गोगी समाजसेवी हाजीपुर, व मनीष कुमार सिंह प्रधान संपादक अहान न्यूज़ मुख्य रूप से शामिल हुए। सभी ने अपनी अपनी बातें और अपने अपने क्षेत्रों से रखी। जिससे पूरे ग्रामीणों को इसमें अपने क्षेत्र के विकास में मदद का रास्ता प्रशस्त हुआ।

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