विश्व मानवाधिकार दिवस पर प्रशिक्षण शिविर का आयोजन |




मानवीय मूल्यों का हनन रोकता है मानवाधिकार : डॉ शशि भूषण कुमार हाजीपुर:10 दिसम्बर राष्ट्रीय समाचार पत्रिका मानवाधिकार टुडे के तत्वाधान में वैशाली जिला मुख्यालय हाजीपुर प्रखंड के रामपुर नौसहन में सामाजिक दूरी के नियमों का पालन करते हुए प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर का उद्घटान मानवाधिकार टुडे के कार्यकारी संपादक डॉ शशि भूषण कुमार और मानव अधिकार कार्यकर्ता अमित कुमार 'विश्वास' ने संयुक्त रूप से किया। डॉ शशि भूषण कुमार ने अपने संबोधन में कहा कि "मानवाधिकार, मानवीय मूल्यों का हनन रोकता है।




उन्होंने कहा कि मानवाधिकार के क्षेत्र में 10 दिसंबर,1948 का दिन स्वर्णिम माना जाता है क्योंकि 10 दिसंबर ,1948 को संयुक्त राष्ट्र महासभा ने 30 अनुच्छेदों वाला मानवाधिकारों की सार्वभौमिक घोषणापत्र को स्वीकार किया था। यह घोषणापत्र मानवाधिकार संरक्षण के क्षेत्र में मील का पत्थर है। उन्होंने सीमाहीन स्वतंत्रता को मानवाधिकार के लिए खतरा बताते हुए कहा कि स्वतंत्रता के लिए एक लक्ष्मण रेखा खींचा जाना नितांत आवश्यक है क्योंकि एक कि स्वतंत्रता दूसरे की स्वतंत्रता के लिए खतरा उत्पन्न करती है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र तभी सफल हो सकता है, जब मानवाधिकार का संरक्षण हो।



यह शासन व्यवस्था अहिंसावादी विचारधारा के अनुसरण पर बल देता है। शिविर में प्रशिक्षण देते हुए श्री अमित कुमार 'विश्वास' ने कहा कि मानवाधिकार का विचार उतना ही पुराना है, जितनी कि मानव सभ्यता। उन्होंने अधिकारों के उपभोग के साथ-साथ कर्तव्यों के पालन पर भी बल दिया। श्री विश्वास ने आगे कहा कि लोकतंत्र के उत्थान के लिए मानवाधिकार का संरक्षण और मानवाधिकार के लिए अहिंसावादी विचारधारा को अपनाना नितांत आवश्यक है।






श्री प्रिंस गुप्ता ने कहा कि भारतीय संविधान के भाग 3 में 6 प्रकार के मौलिक अधिकारों की चर्चा की गई है। श्री नीरज कुमार पांडेय ने मानवाधिकार संरक्षण पर बल दिया। शिविर में उपस्थित प्रशिक्षणार्थियों को अमित कुमार 'विश्वास' , प्रिंस कुमार गुप्ता और नीरज कुमार पांडेय ने प्रशिक्षण दिया।






शिविर के दौरान आंगनवाड़ी सेविका राजकुमारी देवी, शंकर प्रसाद, सेविका आशा ज्योति, सेविका रीता कुमारी ,सहायिका रूबी कुमारी,लीलावती देवी, स्वाति कुमारी, राजीव कुमार, संतोष कुमार, सूबी कुमारी, दिव्यांश कुमार, अभय कुमार, तन्नू कुमारी, काजल कुमारी, गोलू कुमार, मुस्ताक कादरी, प्रत्यूष कश्यप, डॉ मदन मोहन प्रियदर्शी, प्रतीक कश्यप,तेजस्वी आनंद, यशस्वी आनंद सहित अन्य गणमान्य लोगों उपस्थित हुए।

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