लोकतंत्र की धरती जंगलराज में तब्दील, प्रशासनिक अक्षमताओं से डर का माहौल : मनीष तिवारी ।





लोकतंत्र की धरती वैशाली, जहां से लोकतांत्रिक व्यवस्था की पहली किरण निकलकर पूरे विश्व को प्रकाशमान किया। आज वहीं धरती संवैधानिक दर्जा प्राप्त करने के बावजूद अपनी जिम्मेदारियों से मुंह मोड़ चुकी हैं। वैशाली जिले में लगातार आने वाले जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षकों में नेतृत्व क्षमता का भारी अभाव रहा है। जिसके कारण ही आज तक लगातार अपराधियों का मनोबल बढ़ता ही जा रहा है। जिला प्रशासन की नाकामियों का ही परिणाम है कि आम लोगों में अपनी जीवन यात्रा को लेकर भय बना हुआ रहता है। आम लोगों को वैशाली जिला प्रशासन जो कि जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक के नेतृत्व में संचालित हैं, वो आम लोगों से लूट में लगी पड़ी है। इस संबंध में आज एक विशेष संवाद जिला के एक नवयुवक ने अपनी लेखनी के माध्यम से व्यक्त किया है। हाजीपुर निवासी मनीष तिवारी ने जो संविदा लिख दिया वह वैशाली जिला प्रशासन के मुंह पर तमाचा है।



मनीष तिवारी लिखते हैं कि लोकतंत्र की जननी वैशाली आज बारूदी गर्जन से दहल रही है, अपराध व अपराधी अनियंत्रित हो चुके हैं, फिजाओं में गोलियों की तड़तड़ाहट गूंज रही है, माहौल अनियंत्रित हो रहा है, शासन का इकबाल है समाप्ति की ओर अग्रसर है, वैशाली में मात्र पिछले 1 महीने का रिकॉर्ड उठाकर देखा जाए तो हर तरफ सिर्फ अपराधियों का राज नजर आता है, पुलिस का काम सिर्फ मास्क चेकिंग करना, हेलमेट चेकिंग करना रह गया है, अपराधियों को खौफजदा करनेवाली पुलिस मास्कमैन बन चुकी है, सुशासन कहीं दिख नहीं रहा है। जाम .....आम जनता को चैन लेने नहीं देती, अपराधी जीने नहीं देते, अपराधियों की नई राजधानी बन चुकी है बिदुपुर, आतंकित करने को गोलीबारी हो रही है।






गोली मारने की घटनाएं होते जा रही है, अपराधी उंगलियों के इशारे पर शासन को नचा रहे हैं, प्रशासन ताक - धिना - धिन करने को मजबूर है, स्मैक व शराब की गिरफ्त में पूरा जिला आ चुका है, स्मैक के तलब को पूरा करने के लिए स्मैकियर मोबाइल, पर्स, कहीं छीनने की कई वारदात निर्भय होकर बड़ी मात्रा में प्रतिदिन कर रहे हैं। इनकी तो रिपोर्ट भी दर्ज नहीं होती है। गांजा, शराब के व्यापारियों की चांदी ही चांदी है, हर तरफ जमजम की तरह शराब उपलब्ध है। अपराधियों की दया पर जिलेवासियों को छोड़ दिया गया है व प्रशासन का एकमेव कार्य जनता को डराने का है, मास्क नही है, बेल्ट नहीं लगा किसी भूल से तो मानो अक्षम्य अपराध कर दिया ।






पर वही सक्षम पुलिस अपराधियों को छू भी नही पाती तो हम अचंभित हो जाते हैं। लगता है वैशाली राज्य भर के अपराधियों की सुरक्षित पनाहगाह बन चुकी है। जरूरत है पुलिस प्रशासन मास्क हेलमेट चेकिंग छोड़कर अपराध पर कठोरता से नकेल कसे। वर्दी से खौफजदा अपराधी को होना चाहिए न कि मासूम जनता को। जिला जी सके इस निमित परम आवश्यक है कि जाम की समस्या को भी खत्म किया जाए। आज पुनः 20 साल पहले की स्थिति जैसी हो गई है कि शाम 7:00 बजे के बाद शहर में या ग्रामीण इलाकों में विचरण करना खौफनाक होता है कि पता नहीं कब कौन सी घटना घट जाए। मॉर्निंग वॉक पर जाने वाले खुद को सुरक्षित महसूस नहीं कर रहे। महिलाओं को दिन में भी डर लगने लगा है। समझ नहीं आ रहा है कि हम *वैशाली में रह रहे हैं या सीरिया में। अनवरत समीक्षा बैठक करने से अपराधी डरेंगे नहीं व अपराध रुकेगा नहीं। शासन का इकबाल बुलंद होना चाहिए |