एक्सक्लूसिव इंटरव्यू युवराजसुधीर सिंह चुनाव हारना या जीतना ।





एक्सक्लूसिव_इंटरव्यू युवराजसुधीरसिंह चुनाव हारना या जीतना किसी की लोकप्रियता का पैमाना नहीं होता है यह लोकतंत्र है और लोकतंत्र में जनता मालिक है तरैया विधानसभा क्षेत्र के लोगों के विशेष आग्रह स्नेह के बल पर में निर्दलीय चुनाव में खड़ा हुआ 15000 लोगों ने मेरे ऊपर विश्वास जताया जबकि मैं निर्दलीय प्रत्याशी था मैंने तन मन धन से लोगों की सेवा में 13 वर्षों तक दिन रात एक कर दिया बाढ़ में दुख दर्द में लोगों की सेवा की बावजूद इसके मैं चुनाव नहीं जीत सका इसका मतलब यह नहीं कि तरैया के लोग मुझे प्यार नहीं करते या मैं इतना के लोगों की सेवा से पीछे हट जाऊंगा।



मैं किसी पर कोई दोषारोपण भी नहीं करना चाहता कुछ मेरे अंदर ही ऐसी कमी रही होगी इसके कारण जितना जनसमर्थन की आशा मुझे थी नहीं मिल पाया मैं अपने समर्थकों शुभचिंतक हूं और क्षेत्र के जुनूनी कार्यकर्ताओं का आभार व्यक्त करता हूं जिन्होंने विकट परिस्थिति में मेरा साथ दिया ।






मैं तरैया के लोगों से वादा करता हूं कि मैं आपकी सेवा में सदैव तत्पर रहूंगा साथ ही साथ में वैसे लोगों को भी सचेत करना चाहता हूं जो मुझे भड़का कर मेरे कार्यकर्ताओं के साथ मारपीट कर कर मेरे आत्मसम्मान को ललकार कर करके राजनीति में अपनी डूबी हुई नाव को फिर से चमकाना चाहते हैं। राजनीति में दलालों का मैं नोटिस नहीं लेता पर वे जानते हैं कि युवराज सुधीर सिंह क्या चीज है मेरे साथ बड़े पिताजी प्रभुनाथ सिंह पिता दीनानाथ सिंह समेत परिवार के राजनीतिक विरासत मान स्वाभिमान जुड़ा हुआ है ।






इस कारण से मैं खामोश हूं पर मेरी खामोशी को कमजोरी नहीं समझे जब-जब समाज पर आत्मसम्मान पर कार्यकर्ताओं के स्वाभिमान पर माताओं बहनों की इज्जत पर आंच जाएगा मैं कोई भी बड़ा से बड़ा कदम उठाने से पीछे नहीं हटूंगा। इंतजार कीजिए मैं फिर से आपके बीच आ रहा हूं उसी जोश उसी खरोश के साथ मैं आपका था आपका हूं आपका रहूंगा ।