"भारत रत्न" के सच्चे और पहले हकदार हैं आज दिनेश्वर शर्मा IPS : मनीष कुमार सिंह




आज सुबह सुबह एक फेसबुक पोस्ट ने एक व्यक्ति विशेष की सहजता को जान और समझ कर दिल गदगद हो गया। बिहार सरकार के पूर्व पुलिस महानिदेशक अभयानंद जो स्वयं में शिक्षा और संस्कार की पूंजी हैं हमारे पास। वहीं व्यक्तित्व दिनेश्वर शर्मा IPS जी की देहावसान ने कल से भी मन विचलित किया हुआ है। लक्षद्वीप के 34वें प्रशासक, पूर्व आईबी प्रमुख रहे श्री दिनेश्वर शर्मा जी (आईपीएस, 1976 बैच केरल कैडर) के हृदयघात से हुए निधन पर अहान न्यूज़ की तरफ से अश्रुपूर्ण श्रद्धांजलि, शत शत नमन । कश्मीर से धारा 370 व 35 A समाप्त करने में भारत सरकार के प्रधानमंत्री के प्रतिनिधि के रूप में श्री दिनेश्वर शर्मा जी ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई ।।




वहीं जैसे ही अभयानंद जी का भावनात्मक और मजबूत धरोहर के लिए जो कुछ लिखा गया, वह हर किसी को रूलाने और मार्गदर्शन के लिए काफ़ी है। जीवन की मजबूती एक दृढ़ता से ही संपन्न होता है, और उसी दृढ़ता का परिचय देते हुए जो लिखा गया वह आप स्वयं पढ़ें।

पूर्व DGP अभयानंद सर के कलम से :-



मेरी बेटी की शादी की बात चल रही थी। लड़का IIT Delhi/IIM Ahmedabad का ग्रेजुएट और बड़ी अंतर-राष्ट्रीय कम्पनी में काम कर रहा था। पिताजी भी IPS पदाधिकारी और बिहार के गया ज़िले के ही रहने वाले। मुझे यह रिश्ता अच्छा लगा। मैंने बात करनी शुरू की। पिताजी से मुलाकात नहीं हुई थी। जानकारी प्राप्त हुई कि वह सरकारी कार्यवश पटना आ रहे हैं। मौका देख, उनसे संपर्क साधा और जानकारी मिली कि वह ट्रेन से आ रहे हैं। मैंने उन्हें बताया कि मैं उन्हें लेने पटना रेलवे स्टेशन पर आ जाऊँगा। उन्होंने मना किया यह कह कर कि उनकी सरकारी गाड़ी उन्हें लेने आएगी।






फिर भी मैं बिना बताये ही उन्हें लेने चला गया। गाड़ी लगी प्लेटफार्म पर। मैं उन्हें ढूंढने लगा क्योंकि डिटेल्स पता नहीं था। वे दिखे। अपना बैग हाथ में लिए, 3 टियर स्लीपर के साधारण डब्बे से निकलते हुए। यह मेरी मुलाकात थी संयुक्त निदेशक IB श्री दिनेश्वर शर्मा IPS से। यही वह व्यक्ति हैं जिन्होंने 2017 में PM से डायरेक्टर IB के पद पर एक्सटेंशन को यह कहकर ठुकरा दिया कि यह उनसे कनीय पदाधिकारियों का मनोबल छोटा कर देगा जो उस पद के योग्य हैं।






श्रद्धांजलि पुण्यात्मा मेरे समधी दिनेश्वर जी को यह पल जब गमों के साये में पुरा हिन्दुस्तान खड़ा हैं, वह दिनेश्वर शर्मा जी के राष्ट्रीय धर्म की पहचान बन गया है। दिनेश्वर शर्मा IPS के साथ साथ एक मजबूत और शक्तिशाली सोच़ के मालिक रहें हैं। जिसका परिचय उन्होंने अपने जीवन में अद्वितीय सेवाएं देकर प्रत्यक्ष रूप से सामने रखा है। जो इस क़दर भारत माता की मजबूती के लिए काम करते रहें थे, अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को चाहिए कि उन्हें "भारत रत्न" की उपाधि से सम्मानित करें।