CIN : U22300BR2018PTC037551

Reg: 847/PTGPO/2015(BIHAR)
The Fourth Pillar of Media
× Home अहान न्यूज़ RTI संपर्क
News Category
भारत दर्शन राजनीति जुर्म धर्म शिक्षा चिकित्सा परम्परा व्यक्तित्व कला सम्मान समाचार फिल्म सामाजिक संस्थान पर्यावरण खेल पुलिस Blog रोजगार कानून अर्थव्यवस्था समस्या सैनिक गांव शहर ज्योतिष सामान्य प्रशासन जन संपर्क छात्र छात्रा
Blog >> समाज >> शिशिर शर्मा

हम तो पूछेंगे.........

लेकिन गृह मंत्रालय को आखिर किसका इंतज़ार है....जबकि ये बात जग जाहिर हो चुकी है कि इस जमात की वजह से इस देश में कैसे हालात हो गए हैं,

ज़रा विचार कीजिए कि कितनी कमजोर है आज की सरकार। देश में Corona जेहाद छेड़ा जा रहा है, इसके लिए सबसे ज़्यादा ज़िम्मेदार तबलीगी जमात के नेता टीवी पर बैठकर सरकार को चैलेंज कर रहे हैं, कुछ चुनिंदा नौकरशाह और नेता उसको संरक्षण दे रहे हैं, जनता के उपर लॉक डॉउन का रॉलर चल रहा है और सरकार हाथ पर हाथ धरे किंकर्तव्य विमुढ़ है। पूरे देश में हैं न ऐसे ही हालात?? इस देश में तबलीगी जमात की जड़ें कितनी गहरी हैं ,इस बात का अंदाज़ा आप इन परिस्थतियों से लगा सकते हैं।

दरअसल सेडिशन एक्ट 124A की बात करें तो उसके पहले पारा में ही है, कि कोई भी व्यक्ति जमात या संगठन जो सरकार से इतर देश ,समाज या राज्यों के लिए खतरा उत्पन्न करे या उसमें शामिल हो, उसपर देश द्रोह का मुकदमा वाजिब है। अब तो आप समझ ही गए होंगे कि इन तबलीगी जमात के लोग जिस तरह के कारनामों में संलग्न हैं, इनके उपर देशद्रोह का मुकदमा बनता है।अब थोड़ा और आगे बढ़ते हुए इसके अंदर की बातों को समझिए। दिल्ली पुलिस के एक पूर्व कमिश्नर के बयान को सुनें तो ये साफ है कि इस देश में नौकरशाहों को सबसे पहले ये बताया जाता है कि जमात, जकात और नमाज़ी को नहीं छूना है।उनके विरूद्ध कार्रवाई करने से बचना है।आजादी के बाद से ही ये बातें उनके जेहन में डाल दी गई है।

अब जबकि इस देश में कहने को तो राष्ट्रवादियों की सरकार है। लेकिन प्रचंड बहुमत प्राप्त होने के बाद भी वो कितनी कमजोर है, और सत्ता का कैसा मोह, कि अब जनाब को समझौतावादी बनने को विवश होना पड़ रहा है। अब इनमें और उनमें क्या अंतर है? इसका अंदाजा आप खुद लगाइए।अब थोड़ा आगे बढ़ते हुए बात करते हैं, इस देश के दूसरे शासक वर्ग की। जिस तरह से अंग्रेजों के ज़माने में देश में नौकरशाही काम करती थी , आज भी उसी परंपरागत तरीके से इस देश के नौकरशाही में लालफीताशाही विराजमान है।

लेकिन गृह मंत्रालय को आखिर किसका इंतज़ार है....जबकि ये बात जग जाहिर हो चुकी है कि इस जमात की वजह से इस देश में कैसे हालात हो गए हैं, सरकार को ये भी जानकारी में है कि नेपाल का हथियार तस्कर जालिम मुखिया के भी संबंध तबलीगी जमात से है जो Corona से संक्रमित लोगों को भारत भेजने के लिए तत्पर है, सरकार को ये भी पता है कि इस जमात के संबंध किन किन संगठनों से है जो कि भारत के विरूद्ध काम कर रहे हैं, सरकार को यह भी जानकारी में होगी ही कि इस देश में कौन कौन नौकरशाह इस जमात को संरक्षण दे रहे हैं। फिर भी इनके खिलाफ कार्रवाई नहीं करने की आखिर सरकार की क्या मजबूरी है। जहां कुछ करोड़ लोगों की वजह से इस देश की सौ करोड़ आवादी खतरे में है। इसे बचाना किस की ज़िम्मेदारी है? कहीं देखने देखने भर में इस देश के हालात कुछ ऐसे नहीं हो जाएं कि..... जूते भी खाने पड़े, और प्याज भी..... इसे कोई पूछे या न पूछे। ....... हम तो पूछेंगे।

हालांकि इस लोकतांत्रिक देश में जायज सवाल पूछना भी अब गुनाह है। हालात ऐसे हैं कि अगर हम इस देश के कुछ नौकरशाह के संदिग्ध गतिविधियों पर और सरकार के काम काज के तरीकों पर सवाल खड़े करेंगे तो ,हमें मुकदमा झेलना होगा और सलाखों के पीछे भी जाना पड़ सकता है क्योंकि हमने इस देश के तथाकथित राजाओं के खिलाफ सवाल करने की हिमाकत की है। तबलीगी जमात के लोगों पर ये कार्रवाई करें या न करें लेकिन पूरी आशंका है कि ये हमारे खिलाफ कार्रवाई करेंगे।

मैं बताना चाहूंगा कि सरकार और कुछ नौकरशाह यह समझने की भूल न करें कि वो हमें जेल भेजने की साजिश रचेंगे तो हम डर कर अपनी जुवान बंद कर लेंगे।हम भी अपनी ओर से कानूनी विसात बिछाए हैं।अगर ऐसा कुछ होता है तो न्यायालय में पूरे प्रमाण के साथ अपना पक्ष रखेंगे। डरकर हम भी चुप बैठने वालों में नहीं हैं। घुन लगी नौकरशाही और देश को तिल तिल कर बर्बाद कर रही व्यवस्था के खिलाफ हमारी लेखनी चलती रहेगी। रोक सकते हो तो रोक लो। ..........….............................. हम तो पूछेंगे।

इस देश में तबलीगी जमात की जड़ें कितनी गहरी हैं ,इस बात का अंदाज़ा आप इन परिस्थतियों से लगा सकते हैं।

Copy Right 2020-2025 Ahaan News Pvt. Ltd. || Presented By : CodeLover Technology