18-Apr-2020 01:03

राघोपुर के कोरोना संक्रमित युवक की मौत से कई सवाल खड़े

खुसरूपुर से जितने लोगों की कल सेंपल ली गई थी, रिपोर्ट आ गई है। *आधिकारिक रूप से घोषणा की गई है सभी लोग निगेटिव हैं *।

वैशाली जिले के राघोपुर के कोरोना संक्रमित युवक एम्स पटना में शुक्रवार को जीवन का जंग हार गया। उसकी मौत ने कई सवाल छोड़ गए।उन सवालों की जवाब स्वास्थ विभाग से लेकर एम्स को देना होगा।इस मौत के बाद जो परिस्थितियां सामने आई है,वह विचारणीय है।पीड़ित युवक की15 अप्रैल को रिपोर्ट पॉजिटिव आने पर उसके साथ आए भाई, पत्‍‌नी और बहन को भी आइसोलेशन वार्ड में भर्ती कर जांच कराई गई।ये तीनों पीड़ित युवक के साथ पिछले दो महीने से साये की तरह उसके साथ थे।इनकी जांच रिपोर्ट निगेटिव आया।तब सवाल उठता है कि जब युवक कोरोना संक्रमित था,फिर साथ रहने वाले संक्रमित कैसे नही हुए?लोगों के जेहन में यह प्रश्न भी उठना लाजिमी है कि युवक की जांच रिपोर्ट में कहीं गड़बड़ी तो नही हुई।किरकिरी के बाद एम्स पटना के नोडल पदाधिकारी डॉ. नीरज अग्रवाल ने बताया कि युवक की पत्‍‌नी, भाई और बहन की रिपोर्ट निगेटिव आने के बाद दोबारा जांच कराई जा रही है।वहीं पटना के सिविल सर्जन डॉ. राजकिशोर चौधरी ने बताया कि नवल किशोर राय टीबी के साथ टायफॉयड से पीड़ित थे और 14 अप्रैल की रात एम्स पटना में भर्ती करने के बाद से ही उन्हें वेंटिलेटर पर रखा गया था। एम्स के चिकित्सकों के अनुसार युवक के कई अंगों ने काम करना बंद (मल्टीपल ऑर्गन फेल्योर) कर दिया था। उसे इंसेफेलाइटिस समेत कई तरह के इंफेक्शन थे।आज की तारीख में स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की अलग अलग बयान से लोगों में संशय बढ़ता जा रहा है।

बताते चलें अबतक लोगों में धारणा यही थी कि विदेश से या प्रभावित राज्यों से आने वालों से संक्रमण का खतरा है।इनकी जांच पर ज्यादा जोड़ भी दिया जाता रहा है।पर युवक की मौत के बाद भी इस पर सवाल उठना लाजिमी है।राघोपुर के इस युवक दो वर्ष से पटना के अलावा कहीं नहीं गया था। ऐसे में वह कैसे संक्रमित हुआ, इसका जवाब नहीं मिल सका है। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी पटना के किसी अस्पताल या किराए के वाहन में बैठने के क्रम में संक्रमण की आशंका जताते हुए जवाब ढूंढने में लगे हैं।पर आज की तारीख में इनके पास माकूल जवाब नही है।जब कल तक जो परिवार साथ था,वह संक्रमित नही है,फिर 23 मार्च से 25 मार्च तक इलाज करने वाले सेंट्रल हॉस्पिटल के चिकित्सक और अन्य कर्मचारियों को बिना जांच रिपोर्ट आये घर से बाहर कोरेंटाइन करने की वाकया भी सवालों के घेरे में हैं।

वैशाली जिले के राघोपुर निवासी कोरोना संक्रमित युवक का अंतिम संस्कार शुक्रवार शाम को पटना के बांसघाट पर किया गया। अंतिम संस्कार के समय मृतक के दो परिजन घाट पर मौजूद रहे। परंपरा के अनुसार परिजन न तो अर्थी को कंधा दे पाए न ही चिता को आग दे पाए। परिजन ने दूर खड़े होकर अंतिम संस्कार देखा। वैशाली जिला प्रशासन के द्वारा अंतिम संस्कार कराया गया।शव को पटना स्थित बांस घाट के किनारे पर जलाया गया। एम्स अस्पताल के स्वास्थ्य कर्मी शव को वाहन में रखकर लाए थे। शव सफेद रंग के बैग में रखकर लाया गया था।मौके पर मेडिकल टीम भी एम्बुलेंस में आई। परिजन को घाट तक ले जाने के लिए प्रशासन द्वारा एक कार की व्यवस्था की गई थी। वैशाली पुलिस के जवान दो कार से घाट पर पहुंचे। घाट पर आए लोगों ने पीपीई किट पहन रखी थी।

खुसरूपुर से जितने लोगों की कल सेंपल ली गई थी, रिपोर्ट आ गई है। *आधिकारिक रूप से घोषणा की गई है सभी लोग निगेटिव हैं *।पर हम सबों को बेफिक्र होने की नही बल्कि पूर्णतः सचेत रहते हुए प्रशासन के दिशा निर्देशों का पालन करना है।

18-Apr-2020 01:03

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